महाराष्ट्र के बीड ज़िले की एक महिला पुलिस अधिकारी का एक वीडियो आपत्तिजनक बयान के कारण वायरल हो रहा है.
इस वीडियो में महिला पुलिस अधिकारी को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि वो 'दलित अभियुक्तों को काफ़ी बुरी तरह से मारती हैं'.
वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस इस वीडियो की सत्यतता जानने और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी करने के लिए जांच कर रही है.
कथित वीडियो में भाग्यश्री नवटाके नाम की महिला पुलिस अधिकारी को ये कहते सुना जा सकता है कि उन्होंने '21 दलितों को बहुत बुरी तरह मारा है.'
भाग्यश्री नवटाके बीड ज़िले के माजलगांव तालुका में डीएसपी के पद पर तैनात थी. लेकिन वीडियो में नज़र आ रहे अन्य लोगों के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चला है.
वायरल वीडियो में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की प्रोबेशनरी अधिकारी भाग्यश्री नवटाके को कथित तौर पर ये कहते हुए देखा गया है कि पिछले छह महीनों में उन्होंने दलितों और मुस्लिमों की काफ़ी पिटाई की है.
वीडियो में क्या है?
इस वीडियो में भाग्यश्री नवटाके पांच से छह लोगों के एक समूह में बैठी हैं और महिला थाने में दर्ज हुए मामलों के बारे में बता रही हैं.
इस वीडियो के सामने आने के बाद भाग्यश्री का औरंगाबाद ट्रांसफर कर दिया गया.
वीडियो में नवटाके कह रही हैं, "मैंने पिछले छह महीनों में 21 दलितों की धुलाई की है. उन्हें पीटा है न... जिन्होंने दुकानें लूटी थीं उन्हें भी पीटा है. मैंने मुस्लिमों को भी पीटा है, उन पर धारा 307 लगाई ताकि उन्हें ज़मानत न मिले."
वो आगे कहती है, "इससे सबके सामने एक मजबूत संदेश गया कि मैडम किसी को भी नहीं छोड़ती और अगर कल को मैं उन्हें छोड़ देती तो मेरी ड्यूटी पर सवाल खड़े हो जाते."
वीडियो में उन्हें ये कहते भी सुना जा सकता है कि जिन दलितों ने एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामले दर्ज करवाए उन दलितों के हाथ-पैर बांधकर उन्हें किस तरह से मारा है
भाग्यश्री कहती हैं, "तुम्हें पता है दलितों को किस तरह से पीटते हैं हम, उनके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर पीटते हैं. एट्रोसिटी का पूरा गुस्सा हमने उन पर निकाला है."
वीडियो में चार से पांच लोग नज़र आ रहे हैं. हालांकि ये जगह पुलिस स्टेशन जैसी नहीं दिख रही है. इस वीडियो में एक कुर्सी पर बैठी नवटाके अपने साथ मौजूद लोगों से बात करते हुए दिखाई दे रही हैं.
वो पुलिस की वर्दी में भी नहीं है. वीडियो देखने से लगता है कि वहां मौजूद रहे किसी व्यक्ति ने ही इसे रिकॉर्ड किया है.
वीडियो से उठे सवाल
ये वीडियो सोशल मीडिया और अन्य मीडिया में काफ़ी वायरल हुआ है. हालांकि बीबीसी ने इस वीडियो की जांच नहीं की है.अगर ये वीडियो सही है तो इससे कई महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं-
1. जिनके सामने महिला अधिकारी ये सब बता रही है वे कौन हैं और वो उन्हें ये बातें क्यों बता रही हैं?
2. क्या संदिग्ध की जाति देखकर पुलिस कार्यवाही करती है? क्या ऐसा ही अन्य पुलिस अधिकारी भी करते हैं?
3. क्या केवल दलित संदिग्ध या अभियुक्तों को ही ऐसी कठोर सजा दी जाती है?
4. जिन दलित अभियुक्तों को बुरी तरह से पीटा, जैसा कि महिला अधिकारी को कहते सुना जा सकता है, उन 21 अभियुक्तों का आगे क्या हुआ और उन पर दर्ज किए गए मामलों का क्या हुआ?
5. क्या किसी भी तरह की कार्रवाई करते वक्त पुलिस अधिकारी जाति के अनुसार पक्षपाती कार्रवाई करते हैं?
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